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तकत

Feb 9
1 min read

Updated: Feb 12


बेड, डबल बेड, किंग और क्वीन

से भी पुराना अपने तकत का सीन

उन्नीस सौ तीस, चालीस, पचास की बात

इक्यानवे में माँ के घर आई थी बारात

टीवी, अलमारी और रुपये नगद

दहेज में आया लकड़ी का तकत

चार पाओं, हैं दस फट्टे

कैसे बिठाए हट्टे कट्टे?


बैठे क्या, हम उछले कूदे

अम्मा के जो तीनो चूज़े

कुश्ती लड़ते रोते गाते

चादर डाल के घर बनाते

Math का टेबल, accounts का ट्यूशन

Crush का ‘hi’ और ‘I like you as a friend’

सब कुछ तो देखा है इसने

‘कहाँ चलेगा’, कहा था किसने?


बाबा का आना जाना देखा

नया घर और बेसमेंट पुराना देखा

बेसमेंट में अब बनेगा टैंकर

जगह बनेगी हटेगा तकत

चार पाओं और दस फट्टे

बेघर सा था रस्ते-रस्ते


अगला कहाँ ठिकाना था?

मम्मी को ही बताना था

कमरा छोटा है एक छत पर

आगे उसके छांव का छप्पर

लो जी होगया आवास विकास

तकत अपना एकदम झक्कास!


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